सनातन धर्म! (आराम से दिमाग व् भावना से पढ़े.)
आज में हिन्दू मुस्लिम से उठ कर सबसे बड़े धर्म कि बात बताऊंगा!
सरल सब्दो में कहा जाये तो इसका अर्थ है!
जो सत्य का पालन करते है और प्रकृति के नियमो का सम्मान करते है, और बिन बोलने वाले वास्तु व जानवरो का भी भाव समझने वाले को सनातनि केहेते है।
सनातन दर्म वेद के नियमो का पालन करता है!
वैसे तो कहा गया है, जैसे जैसे सनातन धर्म का पतन होंना प्ररम्भ हो जायेगा वैसे वैसे धरती पे कलयुग घोर होता जायेगा!!
सनातन धर्म !! में कोई जात या अन्य कबीले का वर्णन कहीं नहीं है! इसमें सिर्फ नर और नारी जिव व् जानवर और प्रकृति कि बात कही गई है!!
जात और धर्म कि रचना तो इंसान ने ख़ुद को अहम् व् सुरछित करने के लिये बनाया है,और उसमे ब्राहमण, छत्रिय, वैश्य व् शुद्र का इस्तेमाल किया है एक पदवी के तोर पे, !! जिस तरह आज ceo, staff, worker और चपरासी का पद होता है उनकी काबिलियत पे।!
वेद में वर्ण को इंसान के जन्म समय से जोड़ा था !! पर किसी कारन !! वर्ण को उपनामो(ब्राहमण का पुत्र ब्राहमण, व् अन्य) से जोड़ दिया गया!! यहीं से सुरु हुवा पतन का दौर!!?
बहुत कम लोगो को यह मालूम है? ध्यान से पढ़े!
वेद के हिसाब से हर इंसान एक बराबर है, और प्रकृति उनके कर्मो के अनुसार फल देती है व् उसे वर्ण देती है, जिसका पालन कर वो इंसान सफल हो जाता है!! जैसे मेने तो जन्म ब्राहमण परिवार में लिया है, पर मेरा वर्ण छत्रिय है, और ये जानने के बाद में अपने वर्ण से अपने को ढालूँगा जैसे की में जनता हु छत्रिय को सैनिक व् लड़ाई स्तर पे सफलता मिलेगी....और ब्राहमण को पढ़ाई व् ज्ञान स्तर, वैश्य को buissness व् धंधा, शुद्र को मेहनत वाले काम!! इन चारो वर्ण का अपना अपना स्तर है इसमें कोई नीच व कोई उंच नहीं बल्की सब वर्ण के सात चलने से ये संसार चलता है!!
(हम वर्ण का शिख मधुमक्खियों व् चींटियों से ले सकते है!)
इस वर्ण को ख़त्म करने वाला हर इंसान नीच है, ब्राम्हण या शुद्र नहीं!!
सनातन में कहा गया है कि [एक तरह से कहें तो] प्रकृति हर प्राणी की गुलामी करती है!!! परनतु उसके बदले में वो सत्य का पालन मांगती है,,... जिसे सनातन धर्म केहेते है!! हमारे सनातन पालक ऋषि मुनियो ने उसको एक रूप दे दिया जिसे हम भगवान भी केहेते है! और वो हर जगह मौजूद है!!
हमें वेदों से छेड़ छाड़ कि अनुमति नहीं है.... क्योंकि इसके पालन करने वाले ऋषियो का दिमाग करिबन * 40% काम करता था!!! और हमारा सिर्फ 4 से 6 % तक ही कर सकता है!!जिसका कारन है दूषित वातावरण, उसका भी कारन हमहि है!
मुस्लिम व् ईसाई बुद्धि जिव भी खुद को सनातन व् वेद के पालनकर्ता मानते है!!
क्योंकि वेद में लिखे हर सब्द सत्य है!!! और कई जर्मन वैज्ञानिक वेद को दूसरे लोक पे बना हुवा किताब केहेते है और संस्कृत को दूसरे ग्रह का भाषा केहेते है, व् इसको जीवो व् प्रकृति का संतुलन करने वाला केहेते है!! आज के वैज्ञानिक मानते है की कोई बाहरी ताकत हमारी रच्छा कर रही है! और हमेशा वो हमपर नजर रखते है!!
कहा जाता है कि! असली वेद ज्ञान को नस्ट कर दिया गया था ताकि उसमे छिपे हुवे अनंत रहस्यों का कलयुग में गलत इस्तेमाल ना हो सके!! जैसे (hydrogen,nuclear व् atom बम से भी खतरनाक) और उसे नस्ट कर दिया गया!
इतना बहुत है! आप लोगो के लिये!!
बहुत कुछ है रेहस्य जिसे स्पस्ट करना बहुत कठिन है!!
वेद से निकला सनातन
सनातन से निकले
हिन्दू सिंद सब्यता
रोमनी व् अफ़्रीकी
इसलाम व् ईसाई
फिर जैन, बुद्धू और अन्य!!
ये सारे धर्म व् कबीले सत्य व् प्रकृति के पालनकर्ता है!!
सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है!! जिसका पतन हजारो वर्ष पेहेले से ही, लोभी पंडित व् राजाओ ने, मुगलो व् अंग्रेजो ने, आप ने व हम ने !! मिल कर ख़त्म कर डाला, व् उसके कई टुकडे कर डाले गये....
आज बस एक सवाल है हर एक के मन में!!!
ये सनातन धर्म किसका है!!! हिन्दू या मुसलमानो का!!??
झूट के बाल से धर्म कि नीव नहीं रक्खी जाती!
आगे के पीढ़ी को सनातन के बारे में जरूर बताना!
इतना समय देने के लिये धन्यवाद
धन्यवाद🏻: मेरे गुरु, मनुस्मृति, आइंस्टाइन सम्वाद, जखिर नाइक सम्वाद, बुक The Secret और अन्य
- सूरज मिशिर,
(MVG रिसर्च टीम)
मेरे हिन्दी सब्दो के गलतियों को अनदेखा करे व् भावना से सोचे!!
कलयुग में स्वागत है! इस्से स्वीकारो😎
अपने ईस्ट देव व् देवी को हमेशा सुमरते रहो!
हे राम!!, या अल्लहा, हे ईसू... वगेरह...
🔹🌞🔹
आज में हिन्दू मुस्लिम से उठ कर सबसे बड़े धर्म कि बात बताऊंगा!
सरल सब्दो में कहा जाये तो इसका अर्थ है!
जो सत्य का पालन करते है और प्रकृति के नियमो का सम्मान करते है, और बिन बोलने वाले वास्तु व जानवरो का भी भाव समझने वाले को सनातनि केहेते है।
सनातन दर्म वेद के नियमो का पालन करता है!
वैसे तो कहा गया है, जैसे जैसे सनातन धर्म का पतन होंना प्ररम्भ हो जायेगा वैसे वैसे धरती पे कलयुग घोर होता जायेगा!!
सनातन धर्म !! में कोई जात या अन्य कबीले का वर्णन कहीं नहीं है! इसमें सिर्फ नर और नारी जिव व् जानवर और प्रकृति कि बात कही गई है!!
जात और धर्म कि रचना तो इंसान ने ख़ुद को अहम् व् सुरछित करने के लिये बनाया है,और उसमे ब्राहमण, छत्रिय, वैश्य व् शुद्र का इस्तेमाल किया है एक पदवी के तोर पे, !! जिस तरह आज ceo, staff, worker और चपरासी का पद होता है उनकी काबिलियत पे।!
वेद में वर्ण को इंसान के जन्म समय से जोड़ा था !! पर किसी कारन !! वर्ण को उपनामो(ब्राहमण का पुत्र ब्राहमण, व् अन्य) से जोड़ दिया गया!! यहीं से सुरु हुवा पतन का दौर!!?
बहुत कम लोगो को यह मालूम है? ध्यान से पढ़े!
वेद के हिसाब से हर इंसान एक बराबर है, और प्रकृति उनके कर्मो के अनुसार फल देती है व् उसे वर्ण देती है, जिसका पालन कर वो इंसान सफल हो जाता है!! जैसे मेने तो जन्म ब्राहमण परिवार में लिया है, पर मेरा वर्ण छत्रिय है, और ये जानने के बाद में अपने वर्ण से अपने को ढालूँगा जैसे की में जनता हु छत्रिय को सैनिक व् लड़ाई स्तर पे सफलता मिलेगी....और ब्राहमण को पढ़ाई व् ज्ञान स्तर, वैश्य को buissness व् धंधा, शुद्र को मेहनत वाले काम!! इन चारो वर्ण का अपना अपना स्तर है इसमें कोई नीच व कोई उंच नहीं बल्की सब वर्ण के सात चलने से ये संसार चलता है!!
(हम वर्ण का शिख मधुमक्खियों व् चींटियों से ले सकते है!)
इस वर्ण को ख़त्म करने वाला हर इंसान नीच है, ब्राम्हण या शुद्र नहीं!!
सनातन में कहा गया है कि [एक तरह से कहें तो] प्रकृति हर प्राणी की गुलामी करती है!!! परनतु उसके बदले में वो सत्य का पालन मांगती है,,... जिसे सनातन धर्म केहेते है!! हमारे सनातन पालक ऋषि मुनियो ने उसको एक रूप दे दिया जिसे हम भगवान भी केहेते है! और वो हर जगह मौजूद है!!
हमें वेदों से छेड़ छाड़ कि अनुमति नहीं है.... क्योंकि इसके पालन करने वाले ऋषियो का दिमाग करिबन * 40% काम करता था!!! और हमारा सिर्फ 4 से 6 % तक ही कर सकता है!!जिसका कारन है दूषित वातावरण, उसका भी कारन हमहि है!
मुस्लिम व् ईसाई बुद्धि जिव भी खुद को सनातन व् वेद के पालनकर्ता मानते है!!
क्योंकि वेद में लिखे हर सब्द सत्य है!!! और कई जर्मन वैज्ञानिक वेद को दूसरे लोक पे बना हुवा किताब केहेते है और संस्कृत को दूसरे ग्रह का भाषा केहेते है, व् इसको जीवो व् प्रकृति का संतुलन करने वाला केहेते है!! आज के वैज्ञानिक मानते है की कोई बाहरी ताकत हमारी रच्छा कर रही है! और हमेशा वो हमपर नजर रखते है!!
कहा जाता है कि! असली वेद ज्ञान को नस्ट कर दिया गया था ताकि उसमे छिपे हुवे अनंत रहस्यों का कलयुग में गलत इस्तेमाल ना हो सके!! जैसे (hydrogen,nuclear व् atom बम से भी खतरनाक) और उसे नस्ट कर दिया गया!
इतना बहुत है! आप लोगो के लिये!!
बहुत कुछ है रेहस्य जिसे स्पस्ट करना बहुत कठिन है!!
वेद से निकला सनातन
सनातन से निकले
हिन्दू सिंद सब्यता
रोमनी व् अफ़्रीकी
इसलाम व् ईसाई
फिर जैन, बुद्धू और अन्य!!
ये सारे धर्म व् कबीले सत्य व् प्रकृति के पालनकर्ता है!!
सनातन धर्म एक ऐसा धर्म है!! जिसका पतन हजारो वर्ष पेहेले से ही, लोभी पंडित व् राजाओ ने, मुगलो व् अंग्रेजो ने, आप ने व हम ने !! मिल कर ख़त्म कर डाला, व् उसके कई टुकडे कर डाले गये....
आज बस एक सवाल है हर एक के मन में!!!
ये सनातन धर्म किसका है!!! हिन्दू या मुसलमानो का!!??
झूट के बाल से धर्म कि नीव नहीं रक्खी जाती!
आगे के पीढ़ी को सनातन के बारे में जरूर बताना!
इतना समय देने के लिये धन्यवाद
धन्यवाद🏻: मेरे गुरु, मनुस्मृति, आइंस्टाइन सम्वाद, जखिर नाइक सम्वाद, बुक The Secret और अन्य
- सूरज मिशिर,
(MVG रिसर्च टीम)
मेरे हिन्दी सब्दो के गलतियों को अनदेखा करे व् भावना से सोचे!!
कलयुग में स्वागत है! इस्से स्वीकारो😎
अपने ईस्ट देव व् देवी को हमेशा सुमरते रहो!
हे राम!!, या अल्लहा, हे ईसू... वगेरह...
🔹🌞🔹
No comments:
Post a Comment