ये युग बड़ा खतरनाक, अपनों पे न विस्वास
चारो और है अन्धश्रादा और अंधविश्वास
संतो का रूप सेतानो ने धरा, नजदीक हो रहा है ध्रुव तारा.
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| सनातन नष्त हो जाये ग हम माँ शबरी की तरहा अकेले हो जायेंगे |
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घनघोर अँधेरा छायेगा ,
कालि नीली रात होंगी सिर्फ,
गंगा,नील,मिसिया न होंगी,
अनाज नहीं ना रोटी होंगी,
इंसान नाम हट जायेगा,
कुछ ना रहेगा काबू में,
जानवरों सा डट जाएगा,
तलवार,पिस्तौल ही भ्येगा,
मृत्य से न होगा भय,
जो मारा वो खायेगा,
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चारो और जब होंगे शैतान,
कैसे जिएगा तब इंसान,
शम्पूर्ण कलयुग का उम्र ५ लाख वर्ष कहा गया है, और एक युग १२००० वर्ष है, (kalyug 12000 years)


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